(N/A) लाइकेन शैवाल (phycobiont) और कवक (mycobiont) के बीच का सहजीवी संबंध है।
इन्हें वायु प्रदूषण,विशेष रूप से सल्फर डाइऑक्साइड $(SO_2)$ प्रदूषण के उत्कृष्ट संकेतक माना जाता है,जिसके कारण निम्नलिखित हैं:
$1$. लाइकेन में जड़ें नहीं होती हैं और वे अपनी सतह के माध्यम से सीधे वातावरण से पोषक तत्वों और पानी को अवशोषित करते हैं।
$2$. इनमें सुरक्षात्मक क्यूटिकल या रंध्रों का नियमन नहीं होता है,जो इन्हें हवा में मौजूद जहरीली गैसों और भारी धातुओं के संचय के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बनाता है।
$3$. $SO_2$ प्रदूषण के उच्च स्तर वाले क्षेत्रों में लाइकेन विकसित नहीं हो पाते या मर जाते हैं,क्योंकि $SO_2$ उनके क्लोरोफिल और चयापचय प्रक्रियाओं में बाधा डालता है।
$4$. किसी विशिष्ट क्षेत्र में इनकी अनुपस्थिति उच्च वायु प्रदूषण स्तर के लिए एक जैविक संकेतक के रूप में कार्य करती है।